स्मैक, अफीम, हिरोइन, गांजा, चरस, डोडा और नशीली गोलियों/इंजेक्शन से पीड़ित मरीजों के लिए विशेष आवासीय पुनर्वास कार्यक्रम।
ड्रग्स का नशा व्यक्ति के दिमाग के डोपामाइन (Dopamine) सिस्टम को प्रभावित करता है, जिससे तीव्र तलब होती है। बिना विशेषज्ञ की मदद के इसे अचानक बंद करने पर तीव्र विड्रॉल सिंड्रोम होता है।
उजाला केंद्र में हमारे मनोचिकित्सक और न्यूरोलॉजिस्ट की टीम मरीज को सुरक्षित दवाओं द्वारा डिटॉक्स करती है और फिर 24-घंटे नियंत्रित और सकारात्मक माहौल में मनोवैज्ञानिक थेरेपी देती है।