भारतीय योग परंपरा और प्राकृतिक सात्विक जीवन शैली द्वारा मरीज के शरीर और मस्तिष्क में सकारात्मक ऊर्जा का संचार।
नशे के सेवन से मस्तिष्क की तंत्रिकाएं कमजोर हो जाती हैं और व्यक्ति का खुद पर से नियंत्रण खत्म हो जाता है। प्राणायाम और ध्यान से मस्तिष्क में एंडोर्फिन (Endorphins) हार्मोन बढ़ता है जो स्वाभाविक खुशी देता है।
उजाला नशा मुक्ति केंद्र में रोजाना सुबह खुले हवादार बगीचे में अनुभवी योग गुरु द्वारा योगासन, अनुलोम-विलोम, कपालभाति, ध्यान और सात्विक आहार की दिनचर्या का पालन कराया जाता है।